पिथौरागढ़
विडंबनाः उत्तराखंड के इन गांवों में ग्रामिणों ने किया चुनाव बहिष्कार का ऐलान, जानिए क्या है वजह…
पिथौरागढ़: देशभर में जहां डिजिटल इंडिया का बोलबाला है। वहीं उत्तराखंड में आज भी ऐसी जगह है जहां लोग डिजिटल सेवा तो क्या मोबाइल फोन से भी दूर है। मुनस्यारी तहसील का होकरा गांव संचार सेवा से पूरी तरह अछूता है,होकरा से लगे 4 अन्य गांव जरथी, खोयम, गोला और नामिक में भी संचार सेवा का नामोनिशान नहीं है। जिस कारण हजारों की आबादी को डिजिटल सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आलम ये है कि ग्रामीणों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के लिए 10 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। यहीं नहीं शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं भी यहां राम भरोसे चल रही हैं, जबकि होकरा को जोड़ने वाली सड़क मॉनसून सीजन में बन्द रहती है। अब विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही चुनाव बहिष्कार की मांग उठने लगी है।
आपको बता दें कि ग्रामीणों सिलेंडर की बुकिंग करने के लिए भी 10 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है,होकरा के ग्रामीणों ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार की अव्यवस्थाओं को लेकर 3 महीने लंबा क्रमिक अनशन भी किया था, जिसके बाद विभागीय अधिकारियों ने गांव पहुंच कर सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन अभीतक हालात जस के तस बने हुए हैं। ग्रामीण कई बार संचार सेवा बहाल करने की मांग को लेकर आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन शासन-प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगी है, जिस कारण लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही क्षेत्र में संचार सेवा बहाल नहीं हुई तो विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।

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