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नई क्रांतिः 1975 में आज ही बिल गेट्स-एलन ने शुरू की माइक्रोसॉफ्ट, जानें अभी तक कंपनी का सफर…
दिल्लीः 80 का दशक दुनिया के लिए तकनीकी क्षेत्र में हमेशा याद किया जाएगा। लेकिन उस समय न तो इतनी सुविधाएं थी और न तकनीकी तौर पर मजबूती थी लेकिन दो दोस्तों के इरादे बहुत बुलंद थे। आखिरकार दुनिया में कंप्यूटर के क्षेत्र में इन दोनों ने हाथ मिलाया और एक नए तकनीकी युग की शुरुआत कर दी। आज यह कंपनी दुनिया भर में लोगों की जरूरत बन गई है। आइए आपको 45 साल पहले लिए चलते हैं। 4 अप्रैल साल 1975 में आज के दिन दो दोस्तों ने अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट नाम से एक कंपनी बनाई। उनके नाम हैं बिल गेट्स और पॉल एलन। कुछ ही साल में कंपनी और ये दोनों दोस्त दुनिया भर में फेमस हो गए।
बता दें कि उस दौर में अधिकांश अमेरिकी टाइपराइटर्स का इस्तेमाल करते थे। माइक्रोसॉफ्ट एक ऐसी कंपनी है, जिसने पूरी दुनिया में कंप्यूटर की लोकप्रियता बढ़ाने का काम किया। 1979 में न्यू मैक्सिको से माइक्रोसॉफ्ट वॉशिंगटन स्टेट में शिफ्ट हुई और वहीं पर एक बड़ी मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी कॉर्पोरेशन के तौर पर उभरी। माइक्रोसॉफ्ट अपने शुरुआती सफर में पूरी दुनिया में तेजी के साथ लोकप्रिय हो गई थी। 1987 में माइक्रोसॉफ्ट ने शेयर निकाले और 31 साल के गेट्स दुनिया के सबसे युवा अरबपति बन गए।
80 के दशक में माइक्रोसॉफ्ट सेल्स के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी पर्सनल कंप्यूटर सॉफ्टवेयर कंपनी बन गई। उसके बाद कंपनी ने एक के बाद एक कई नए नए सॉफ्टवेयर लॉन्च किए। जो अधिकांश सफल रहे। दुनिया के एक अरब डिवाइस विंडोज-10 पर चल रहे हैं, जो माइक्रोसॉफ्ट की लेटेस्ट पेशकशों में से एक है। माइक्रोसॉफ्ट एक ऐसी कंपनी है, जिसने पूरी दुनिया में कंप्यूटर की लोकप्रियता बढ़ाने का काम किया। बता दें कि बिल गेट्स दुनियाभर में लोगों की मदद करने के लिए भी जाने जाते हैं। माइक्रोसॉफ्ट के मुखिया बिल गेट्स का भारत से बहुत ही लगाव है।

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