उत्तराखंड
B.Ed, M.Ed समेत 9 टीचिंग कोर्सेज के लिए नए नियम, नई शर्तें, फीस वसूली पर लगाम की तैयारी
देश में 9 टीचिंग कोर्सेज के लिए तैयार किए गए नये नियमों पर बुधवार, 19 मार्च 2025 को मुहर लगेगी। इस दिन नैशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) की गवर्निंग बॉडी की बैठक है, जिसमें नए रेगुलेशंस को अंतिम रूप दिया जाएगा। NCTE के चेयरमैन प्रो. पंकज अरोड़ा ने बताया, ‘ड्राफ्ट रेगुलेशंस पर 7000 से ज्यादा सुझाव मिले हैं और हर सुझाव का विश्लेषण किया जा रहा है। जो भी फीडबैक मिला है, उसके हर पहलू को देखने के लिए हाई लेवल विशेषज्ञ कमिटी बनाई गई है। यह कमिटी देखेगी कि किन सुझावों को नए रेगुलेशंस में शामिल किया जाना है। उसके बाद फाइनल रेगुलेशंस सामने आएंगे।’
प्रो. अरोड़ा ने बताया कि गवर्निंग बॉडी की मंजूरी के बाद नए नियमों को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। नए रेगुलेशंस में टीचिंग कोर्सेज में बड़े बदलावों का रोडमैप है। इसमें एक-एक साल के B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन) और M.Ed (मास्टर ऑफ एजुकेशन) कोर्स के साथ मास्टर ऑफ एजुकेशन प्रोग्राम (पार्ट टाइम) की भी वापसी सुनिश्चित हो सकेगी। प्रो. अरोड़ा का कहना है कि ‘जो फीडबैक मिला है, उसमें कुछ एडिशनल एलिजिबिलिटी शर्तों को शामिल किए जाने की भी बात है।’
अगले साल यानी 2026 से भारत में टीचिंग प्रोग्राम में काफी बदलाव होंगे। 4 ईयर इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) कोर्स में भी नई स्ट्रीम्स जोड़ी गई हैं। ये 9 कोर्स 2026 बैच से लागू होंगे।
वहीं, एनसीटीई ने नए रेगुलेशंस में फीस स्ट्रक्चर पर भी काफी फोकस किया है। यह साफ किया गया है कि कोई भी टीचिंग इंस्टिट्यूट छात्रों से किसी भी रूप में डोनेशन या कैपिटेशन फीस नहीं ले सकता है। टीचिंग इंस्टिट्यूट छात्र से वही फीस ले सकेगा, जो परीक्षा निकाय या संबंधित केंद्र या राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है।
‘अगर किसी संस्थान के खिलाफ फीस को लेकर कोई भी शिकायत आती है, तो उसे संबंधित यूनिवर्सिटी के पास भेजा जाता है, जहां से टीचिंग इंस्टिट्यूट जुड़ा होता है। यूनिवर्सिटी को जरूरी ऐक्शन लेना होगा। छात्र या उनके पैरंट्स अगर फीस को लेकर कोई भी शिकायत करेंगे तो उस पर एक्शन होगा। फीस पर मनमानी नहीं करने दी जाएगी।

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