उत्तराखंड
सम्मान: मुख्यमंत्री धामी की प्रेरणा से महिलाओं को मिला नया सफर और सम्मान…
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन देहरादून की नवाचारपूर्ण पहल से राजधानी देहरादून में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री के “स्मार्ट और सक्षम उत्तराखण्ड” विज़न को साकार करते हुए जिला प्रशासन ने ऑटोमेटेड पार्किंग प्रोजेक्ट के तहत ‘फ्री सखी कैब’ सेवा को जनता को समर्पित किया।
परेडग्राउंड से शुरू की गई इस सेवा के तहत दो ईवी वाहन महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित होंगे, जो पार्किंग से नजदीकी बाजारों और मुख्य स्थलों तक नागरिकों को निःशुल्क शटल सुविधा प्रदान करेंगे। जल्द ही छह और वाहन इस सेवा से जुड़ेंगे।
कार्यक्रम में विधायक खजानदास, महापौर सौरभ थपलियाल, जिलाधिकारी सविन बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने हरी झंडी दिखाकर वाहनों को रवाना किया। जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के विज़न के अनुरूप यह प्रोजेक्ट महिलाओं की आजीविका, ट्रैफिक समाधान और तकनीकी दक्षता का अनोखा संगम है। उन्होंने बताया कि ऑटोमेटेड पार्किंग पारंपरिक पार्किंग से तीन गुना सस्ती और समय की बचत करने वाली तकनीक है।
देहरादून में अब परेडग्राउंड, तिब्बती मार्केट और कोरोनेशन हॉस्पिटल के पास तीन आधुनिक ऑटोमेटेड पार्किंग सुविधाएँ शुरू हो चुकी हैं, जिनकी कुल क्षमता 261 वाहनों की है। यह परियोजना कृष्णा महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिससे प्रतिदिन लगभग ₹29,000 की आय हो रही है — और अब फ्री सखी कैब सेवा से यह आय और बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री धामी की प्राथमिकता के अनुरूप जिला प्रशासन ने सड़क किनारे अवैध पार्किंग हटाने और ट्रैफिक अनुशासन सुदृढ़ करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। अब देहरादून में न केवल सड़कों पर अव्यवस्था कम होगी, बल्कि महिलाएँ भी इस परिवर्तन की प्रमुख भागीदार बनेंगी।

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