Connect with us

गाइडलाइन जारी: उत्तराखंड में नीलाम होंगे 16 हजार वाहन, जानिए निलामी के नियम…

उत्तराखंड

गाइडलाइन जारी: उत्तराखंड में नीलाम होंगे 16 हजार वाहन, जानिए निलामी के नियम…

देहरादूनः उत्तराखंड में थाने, चौकियों, परिवहन दफ्तरों में सीज की गई गाड़ियों को लेकर बड़ा अपडेट आया है। मुख्य सचिव ने अगले तीन माह के भीतर आरटीओ दफ्तरों और पुलिस थानों में सीज हुई 16 हजार से ज्यादा गाड़ियां अब नीलाम करने के आदेश दिए है। पुलिस विभाग की ओर से आरटीओ को जो भी वाहनों की सूचना उपलब्ध कराई जाएगी, उस पर 15 दिन में मूल्यांकन कर आरटीओ को रिपोर्ट देनी होगी। रिपोर्ट आने के 30 दिन के भीतर नीलामी का विज्ञापन प्रकाशित होगा। नीलामी में अगर सही रेट न मिला तो 15 दिन के भीतर दूसरी नीलामी होगी। बताया जा रहा है कि मुख्य सचिव ने निलामी की गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। पढ़ें गाइडलाइन…

वाहनों की निलामी की एसओपी

  • आबकारी एक्ट के तहत पकड़े गए वाहनों को अगर छह माह के भीतर वाहन स्वामी छुड़ाने का दावा नहीं करता तो डीएम की ओर से ऐसे वाहनों का चिन्हीकरण करते हुए समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशित कर नीलामी कराई जाएगी।
  • लावारिस वाहनों में अगर वाहन स्वामी या बीमा कंपनी छह माह के भीतर एसएसपी, एसपी के सामने दावा पेश नहीं करते तो संबंधित थानाध्यक्ष बीमा कंपनी से संपर्क करेंगे। बीमा कंपनी न्यायालय की मदद से 30 दिन में वाहन छुड़ा सकेगी। अगर उसका पता न चले तो नियमानुसार उसकी नीलामी कर दी जाएगी। एसएसपी को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे वाहन एक वर्ष से ज्यादा लंबित न रहें।
  • जिन वाहनों से संबधित केसों में कोर्ट का फैसला आ चुका होगा, उसमें कोर्ट ऑर्डर आने के तीन माह के भीतर थानाध्यक्ष को नीलामी प्रक्रिया पूरी करानी होगी। एसपी, एसओ की एसीआर में इसकी जानकारी अंकित की जाएगी।
  • पुलिस विभाग की ओर से आरटीओ को जो भी वाहनों की सूचना उपलब्ध कराई जाएगी, उस पर 15 दिन में मूल्यांकन कर आरटीओ को रिपोर्ट देनी होगी। रिपोर्ट आने के 30 दिन के भीतर नीलामी का विज्ञापन प्रकाशित होगा। नीलामी में अगर सही रेट न मिला तो 15 दिन के भीतर दूसरी नीलामी होगी। इसमें भी नीलामी न होने पर 15 दिन के भीतर तीसरी नीलामी होगी। फिर भी नीलामी नहीं होती तो वह वाहन स्क्रैप में भेज दिया जाएगा।
  • पुलिस परिसर में खड़े गंभीर अपराधों से संबंधित वाहनों के अलावा सामान्य अपराधों से जुड़े वाहनों के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर सुंदर भाई अंबाला देसाई बनाम गुजरात राज्य व अन्य व जनरल इंश्योरेंस काउंसिल व अन्य बनाम आंध्र प्रदेश के तहत कार्रवाई होगी। इसमें वाहन स्वामी को न्यायालय की अनुमति से नोटिस जारी होगा। इसके बाद फोटो-वीडियो बनाते हुए कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित समिति इसकी नीलामी करेगी।
  • सभी एसएसपी, एसपी को हर महीने होने वाली क्राइम मीटिंग ऐसे वाहनों की समीक्षा करेंगे। जिला जज, डीएम, एसएसपी के बीच होने वाली मासिक मॉनिटरिंग सेल की बैठक में भी इसकी समीक्षा की जाएगी। परिवहन विभाग की ओर से जब्त किए गए वाहनों के निपटारे का मासिक परीक्षण परिवहन आयुक्त को करना होगा। पुलिस थानों से संबंधित समीक्षा डीजीपी को करनी होगी।
यह भी पढ़ें 👉  बड़ा ऐलानः उत्तराखंड में जल्द मिलेगा फ्री सिलेंडर, जानिए कब-कब और किसे मिलेगा...

बताया जा रहा है कि प्रदेश में करीब 16 हजार गाड़ियां ऐसी हैं जो कि लंबे समय से सीज हैं और पुलिस थानों और परिवहन कार्यालयों के परिसरों में इनकी भीड़ बढ़ती जा रही है। कबाड़ हो रही इन गाड़ियों में करीब 1304 गाड़ियां तो अलग-अलग आरटीओ के माध्यम से सीज हुई हैं जबकि करीब 14,500 गाड़ियां पुलिस के माध्यम से विभिन्न मामलों में सीज हुई हैं। अभी भी रोजाना 50 से 60 वाहन पुलिस और 30 से 40 वाहन परिवहन विभाग के माध्यम से सीज होते हैं। ऐसे में पहले से खड़ी गाड़ियों को निलाम करने का आदेश दे दिया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  बड़ी खबरः केंद्र के निर्देश के बाद भी उत्तराखंड में नहीं बदलेगा स्कूलों का समय, जानिए वजह...

Latest News -
Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

देश

देश
Our YouTube Channel

ट्रेंडिंग खबरें

Recent Posts

Like Facebook Page

To Top
0 Shares
Share via
Copy link
Powered by Social Snap