उत्तराखंड
राजनीति: मंच से पर्ची फेंक बोले सीएम धामी- “इसमें पढ़ना भी क्या है यार, इसे फेंक ही देते हैं”
नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आज नैनीताल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अलग ही अंदाज देखने को मिला। भुजियाघाट स्थित काया आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के शुभारंभ समारोह में जैसे ही सीएम धामी मंच पर भाषण देने पहुंचे, उन्हें आयोजकों की ओर से एक पर्ची दी गई, जिसमें मंचासीन अतिथियों के नाम लिखे थे।
भाषण शुरू करते हुए सीएम ने पर्ची से नाम पढ़ना शुरू किया, लेकिन कुछ ही क्षणों में उन्हें एहसास हुआ कि जिलाध्यक्ष का नाम गलत लिखा गया है—जहां “प्रताप बिष्ट” की जगह “प्रदीप बिष्ट” लिखा हुआ था।
सीएम ने मुस्कुराते हुए कहा – “अगर मैं ध्यान नहीं देता तो मंच से गलत नाम ही पढ़ देता, जो सही नहीं होता।” इसके बाद उन्होंने सबके सामने पर्ची फेंकते हुए कहा – “इसमें पढ़ना भी क्या है यार, इसे फेंक ही देते हैं।”
इसके बाद सीएम ने बिना किसी पर्ची के ही मंच पर मौजूद सभी लोगों के नाम खुद लेकर संबोधन किया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री ने मंच से ही लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा – “मंच पर बैठे हर व्यक्ति का सम्मान सही तरीके से होना चाहिए। इस तरह की गलती अस्वीकार्य है।”
भाषण के अंत में सीएम ने हंसते हुए कहा – “अच्छा हुआ पर्ची फेंक दी, अब मुझे ज्यादा नाम लेने का मौका मिल गया।”
कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं और अतिथियों ने सीएम धामी के इस सधे हुए, सहज और तत्पर अंदाज की जमकर सराहना की

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
👉 पहाड़ी खबरनामा के वाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें
👉 पहाड़ी खबरनामा के फेसबुक पेज़ को लाइक करें
Latest News -
संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बने डीएम बंसल, सोशल मीडिया पर डीएम सविन बंसल के समर्थन की बयार…
उत्तराखंड: धामी सरकार के नाम एक और कीर्तिमान उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या ने तोड़ा रिकॉर्ड…
उत्तराखंड: नकल विरोधी कानून पर आधारित शॉर्ट फिल्म रिलीज…
कैबिनेट के अहम फैसले: स्वास्थ्य कर्मियों को जनपद परिवर्तन, ग्रीन हाइड्रोजन नीति को मंजूरी…
यूसीसी का एक साल: एआई सहायता के साथ 23 भाषाओं में उपलब्ध सेवाएं, उत्तराखंड बना तकनीकी उत्कृटता का मॉडल…

















Subscribe Our channel



