उत्तराखंड
जिला प्रशासन ने शुरू की बुनियादी शिक्षा को डिजिटल बनाने की नवीन अभिनव पहल
देहरादून: आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन द्वारा ‘‘विद्या शक्ति’’ के तहत वर्चुअल रियलिटी (वीआर) के उपयोग से देहरादून जिले में बेसिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई को जिला प्रशासन ने हरी झंडी दे दी है। बेसिक स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने के लिए शनिवार को जिला प्रशासन ने आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजी फाउंडेशन, ओपन मेंटर ट्रस्ट और तारा जोशी फाउंडेशन के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) साइन किया। इसके तहत कक्षा 6 से 9 तक के बच्चों को स्कूल में गठित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों में ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिलेगी।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को बेसिक स्कूलों में ‘‘विद्या शक्ति’’ के तहत ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन हेतु जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि जिन विद्यालयों में टीवी दे दिए गए है, उन सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से नेटवर्क की सुविधा दी जाए। ऐसे विद्यालय जहां पर ऑनलाइन पढ़ाई के लिए टीवी, इंटरनेट और अन्य उपकरणों की जरूरत है, प्रोजेक्ट उत्कर्ष में इसका प्रस्ताव उपलब्ध करें। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए पर्याप्त धनराशि दी जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं से स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर होने के साथ बच्चों को इंटरैक्टिव सिमुलेशन और गेमीफिकेशन से कठिन विषयों को सीखने समझने में सरलता होगी। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को ‘‘विद्या शक्ति’’ के तहत संचालित शैक्षणिक कार्याे की नियमित मॉनिटरिंग एवं समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
ओपन मंेंटर ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी पी0 नागराजन और विद्या शक्ति के ग्लोवल कनवेनर डा. एस सुब्रमण्यम ने बताया कि उत्तराखंड राज्य के देहरादून जिले में आईआईटी मद्रास प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन द्वारा तारा जोशी फाउंडेशन के साथ मिलकर स्थानीय हिन्दी भाषा में ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कक्षा 6 से 9 तक के बच्चों को गणित, साइंस और अंग्रेजी विषय इंटरैक्टिव सिमुलेशन (वर्चुअल लैब) और गेमीफिकेशन (खेल-खेल में) के माध्यम से सरल तरीके से पढ़ाए और सिखाए जाएंगे। कहा कि बच्चे जो विजुअल देखते है, तो उसको सिमुलेशन के माध्यम से आसानी से समझ सकते है। ऑनलाइन लाइव कक्षाओं में टू-वे कम्यूनिकेशन की सुविधा है, जिससे बच्चे अपने शंकाओं का समाधान मौके पर कर सकेंगे। प्रत्येक सप्ताह के अंत में बहुविकल्पी प्रश्नों पर आधारित टेस्ट भी लिया जाएगा। इससे बच्चों की प्रोग्रेस को एनालिसिस किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त इंटरैक्टिव सिमुलेशन और गेमीफिकेशन को लेकर बेसिक शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढौंडियाल, ओपन मंेंटर ट्रस्ट के नागराजन पी0, विद्या शक्ति के ग्लोबल कनवेनर डा. एस सुब्रमण्यम, तारा जोशी फाउंडेशन से किरन जोशी आदि मौजूद थे।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
👉 पहाड़ी खबरनामा के वाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें
👉 पहाड़ी खबरनामा के फेसबुक पेज़ को लाइक करें
Latest News -
संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बने डीएम बंसल, सोशल मीडिया पर डीएम सविन बंसल के समर्थन की बयार…
उत्तराखंड: धामी सरकार के नाम एक और कीर्तिमान उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या ने तोड़ा रिकॉर्ड…
उत्तराखंड: नकल विरोधी कानून पर आधारित शॉर्ट फिल्म रिलीज…
कैबिनेट के अहम फैसले: स्वास्थ्य कर्मियों को जनपद परिवर्तन, ग्रीन हाइड्रोजन नीति को मंजूरी…
यूसीसी का एक साल: एआई सहायता के साथ 23 भाषाओं में उपलब्ध सेवाएं, उत्तराखंड बना तकनीकी उत्कृटता का मॉडल…

















Subscribe Our channel



