उत्तराखंड
लापरवाही: रेल प्रोजेक्ट मे कर्मचारी की मौत, कम्पनी पर लगे लापरवाही के आरोप…
ऋषिकेश। कर्णप्रयाग रेल लाइन के प्रोजेक्ट पैकेज तीन में नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी की लापरवाही से एक कर्मचारी की मौत हो गई है। जबकि दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के चचेरे भाई की तहरीर पर पुलिस ने प्रोजेक्ट इंजीनियर सहित साथ कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि मामले में जल्द ही अग्रिम कार्रवाई भी की जाएगी।
मुनिकीरेती थाना पुलिस के मुताबिक ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन के प्रोजेक्ट तीन में कार्यरत कर्मचारी कमलेश पंत को बिना सुरक्षा के सीधे टनल के फेस के अंदर भेज दिया। अ चट्टान टूटी और वह गंभीर रूप से घाय गया। इसके अलावा कमलेश के साथी इमरान और कंवर भी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनको उपचार के लिए एम्स में भर्ती कराया गया। जहां से कमलेश को जॉली ग्रांट के लिए रेफर किया गया। जहां कमलेश की उपचार के दौरान मौत हो गई। जबकि दोनों घायलों का इलाज अभी एम्स में चल रहा है।
इंस्पेक्टर रितेश शाह ने बताया कि मृतक के चचेरे भाई वेद प्रकाश निवासी जोशीमठ ने मामले में प्रोजेक्ट कंपनी के साइट इंजीनियर रंगनाथ, सेफ्टी अफसर मनोज पोखरियाल, पीआरओ रंजन भंडारी, टनल इंचार्ज नरेंद्र कुमार, सुपरवाइजर कमल, ठेकेदार जितेंद्र कुमार, एचआर भुवन चंद जोशी के खिलाफ लापरवाही बरतने के आरोप में तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सभी के खिलाफ नाम मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामल का जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
इनसेट
जानकारी के मुताबिक रेल प्रोजेक्ट पर नवयुगा कंपनी काम कर रही है। यही कंपनी उत्तरकाशी के सिल्क्यरा टनल में भी काम कर रही थी। जिसकी लापरवाही से टनल में 41 मजदूर कई दिनों तक अंदर फंसे रहे, सरकार के प्रयासों के बाद उनको जीवन दान मिला। इसके
अलावा सिलक्यार में ही लोडर पलटने से भी ऑपरेटर की मौत हो चुकी है। अब इसी कंपनी की फिर से लापरवाही सामने आने पर कई तरह के सवाल कंपनी के कार्य को लेकर खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि घटना के बाद पुलिस को कंपनी की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई। यही नहीं कर्मचारी की मौत के बाद भी कंपनी ने पुलिस को जानकारी देना उचित नहीं समझा। मामले को दबाने की पूरी कोशिश की गई। रेल विकास निगम लिमिटेड के उप महाप्रबंधक भूपेंद्र ने बताया कि हादसे के बाद कंपनी की ओर से पुलिस को सूचना दी गई थी, लेकिन मौत के बाद सूचना नहीं दी जा सकी, उनका कहना था की कप्मनी के नियम अनुसार मृतक और घायलों को मुआवजा दिया जाएगा।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
👉 पहाड़ी खबरनामा के वाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें
👉 पहाड़ी खबरनामा के फेसबुक पेज़ को लाइक करें
Latest News -
संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बने डीएम बंसल, सोशल मीडिया पर डीएम सविन बंसल के समर्थन की बयार…
उत्तराखंड: धामी सरकार के नाम एक और कीर्तिमान उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या ने तोड़ा रिकॉर्ड…
उत्तराखंड: नकल विरोधी कानून पर आधारित शॉर्ट फिल्म रिलीज…
कैबिनेट के अहम फैसले: स्वास्थ्य कर्मियों को जनपद परिवर्तन, ग्रीन हाइड्रोजन नीति को मंजूरी…
यूसीसी का एक साल: एआई सहायता के साथ 23 भाषाओं में उपलब्ध सेवाएं, उत्तराखंड बना तकनीकी उत्कृटता का मॉडल…

















Subscribe Our channel



