उत्तराखंड
जरूरी खबरः अगर आपका भी है सफेद राशनकार्ड तो जल्द करें ये काम, वरना होगी कड़ी कार्रवाई…
देहरादून: आपका राशनकार्ड बना हुआ है और आप राशन लेते है तो आपके लिए जरूरी खबर है। क्योंकि अब राज्य सरकार ऐसे राशनकार्ड धारकों पर शिकंजा कसने जा रही है जिन्होंने पक्का मकान, अच्छी खासी आय होने के बाद भी गरीबी रेखा के नीचे का राशन कार्ड बनवा कर उसका गलत तरीके से लाभ ले रहे है। ऐसे राशनकार्ड धारको से सरेंडर करने के लिए कहा गया है। बताया जा रहा है कि पात्र गृहस्थी के तहत राशनकार्ड का लाभ अगर अपात्र व्यक्ति ले रहे हैं तो वह 31 मई के पहले अपने राशनकार्ड सरेंडर करते हुए उसकी रसीद प्राप्त कर लें। वरना विभाग द्वारा जांच के उपरांत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार उत्तराखंड में एक लाख 84 हजार से अधिक अंत्योदय एवं 12 लाख 27 हजार से अधिक प्राथमिक परिवारों के राशन कार्ड धारक हैं। इनमें बड़ी संख्या में फर्जी एवं अपात्र राशन कार्ड धारक हैं। ऐसे में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा इन कार्डधारको पर सख्ती के लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। जिसके तहत पात्र और अपात्र व्यक्तियों के कार्डों की जांच की जाएगी। साथ ही टोल फ्री नंबर पर भी शिकायत दर्ज कर 10 दिन के भीतर कार्रवाई की जायेगी। अगर कोई झूठी शिकायत करेगा, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जायेगी। सरकार फर्जी एवं अपात्र राशन कार्ड धारकों को पहले राशन कार्ड को पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में सरेंडर के लिए समय देगी। इस अवधि में राशन कार्ड सरेंडर करने वालों के खिलाफ किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होगी। उनका नाम व पता भी गोपनीय रखा जाएगा, लेकिन तय समय के बाद राशन कार्ड सरेंडर न होने पर राशन की वसूली के साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
गौरतलब है कि अंत्योदय राशनकार्ड धारक तीन रुपये किलो चावल व दो रुपये किलो के हिसाब से गेहूं दिया जाता है। इसके अलावा पांच किलो फ्री राशन मिलता है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग हर महीने गरीबों को मुफ्त एवं बहुत कम कीमत पर मिलने वाले राशन का लाभ ले रहे हैं। जिनपर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग उत्तराखंड सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है। खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्य ने कहा राशन कार्ड में धांधलियों की शिकायत के लिए जल्द ही एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। इसके साथ ही जो भी अपात्र व्यक्ति हैं, वह 31 मई तक अपना कार्ड सरेंडर कर दें। क्योंकि बाद में अभियान या जांच में कार्ड धारक अपात्र पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
👉 पहाड़ी खबरनामा के वाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें
👉 पहाड़ी खबरनामा के फेसबुक पेज़ को लाइक करें
Latest News -
संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बने डीएम बंसल, सोशल मीडिया पर डीएम सविन बंसल के समर्थन की बयार…
उत्तराखंड: धामी सरकार के नाम एक और कीर्तिमान उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या ने तोड़ा रिकॉर्ड…
उत्तराखंड: नकल विरोधी कानून पर आधारित शॉर्ट फिल्म रिलीज…
कैबिनेट के अहम फैसले: स्वास्थ्य कर्मियों को जनपद परिवर्तन, ग्रीन हाइड्रोजन नीति को मंजूरी…
यूसीसी का एक साल: एआई सहायता के साथ 23 भाषाओं में उपलब्ध सेवाएं, उत्तराखंड बना तकनीकी उत्कृटता का मॉडल…

















Subscribe Our channel



