देहरादून
Big Breaking: सरकार ने दिया हरक को झटका, इनके खिलाफ दी चार्जशीट, जानिए मामला…
देहरादून: उत्तराखंड भवन सन्निर्माण एवं कर्मकार कल्याण बोर्ड की पूर्व सचिव दमयंती रावत अकाउंटेंट जनरल (एजी) ऑडिट टीम के निशाने पर आ गई हैं। जिससे कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को बड़ा झटका लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तराखंड सरकार ने कर्मकार कल्याण बोर्ड की पूर्व सचिव दमयंती रावत समेत ईएसआई के कुछ अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दी है। बताया जा रहा है कि कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज के निर्माण में पूर्व में कार्यदायी संस्था को गलत तरीके से 20 करोड़ रुपए देने का मामला प्रकाश में आने के बाद ये कार्रवाई की गई है।
दरअसल पिछले दिनों दमयंती रावत को कर्मकार बोर्ड के सचिव पद से हटा दिया गया था। इसके बाद सरकार ने बोर्ड भंग करते हुए वन मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत को भी अध्यक्ष पद से हटा दिया था। फिर बोर्ड में हुए वित्तीय लेन-देन का एजी ऑडिट शुरू हो गया। श्रम मंत्री हरक सिंह रावत समेत कर्मकार कल्याण बोर्ड की पूर्व सचिव पर नियमों के विरुद्ध ₹ 20 करोड़ रुपए कोटद्वार में अस्पताल बनाने के लिए सीधे कार्यदायी संस्था को दिए जाने के आरोप लगे। इस मामले में यह पाया गया था कि कर्मकार कल्याण बोर्ड की तरफ से नियमों का उल्लंघन किया गया है।
वहीं टीम की जांच में आरोप सही पाए गए और कार्यदायी संस्था को रुपए वापस दिए जाने के आदेश दिए गए। जिसके बाद कार्यदायी संस्था ने 20 करोड़ रुपए वापस दे भी दिए हैं। लेकिन नियम विरुद्ध हुए इस कार्य को देखते हुए सरकार ने इस मामले में पूर्व सचिव दमयंती रावत और साईं के चिकित्सक समेत चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दी है। हालांकि श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने इसका पुरजोर विरोध किया है और इसमें कुछ भी गलत नहीं होने की बात कही है।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
👉 पहाड़ी खबरनामा के वाट्सऐप ग्रुप से जुड़ें
👉 पहाड़ी खबरनामा के फेसबुक पेज़ को लाइक करें
Latest News -
पत्रकार सम्मान को नई मजबूती दे रहे हैं बंशीधर तिवारी, पत्रकारों को पेंशन की संस्तुति…
Health: स्वास्थ्य सेवा और मेडिकल शिक्षा में नई ऊर्जा। SGRR के द्वि-आयामी आयोजनों ने प्रदेश में बटोरी प्रशंसा
नीतीश सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए CM धामी
40 प्रतिशत से कम धनराशि खर्च करने वाले विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाए: प्रभारी मंत्री…
राजनीति: मंच से पर्ची फेंक बोले सीएम धामी- “इसमें पढ़ना भी क्या है यार, इसे फेंक ही देते हैं”






















Subscribe Our channel







