उत्तराखंड
संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बने डीएम बंसल, सोशल मीडिया पर डीएम सविन बंसल के समर्थन की बयार…
देहरादून। प्रदेश की राजधानी देहरादून में जिलाधिकारी सविन बंसल अपनी सक्रिय, संवेदनशील और जनहित केंद्रित प्रशासनिक कार्यशैली के चलते आमजन के बीच भरोसे का मजबूत प्रतीक बनते जा रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान जिला प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
डीएम सविन बंसल को प्रदेश के तेजतर्रार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों में गिना जाता है। त्वरित निर्णय क्षमता और जनसमस्याओं के समाधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने आमजन में यह भरोसा पैदा किया है कि प्रशासन वास्तव में उनके साथ खड़ा है। लोगों का कहना है कि अब समस्याओं पर केवल सुनवाई ही नहीं, बल्कि समयबद्ध और ठोस कार्रवाई भी देखने को मिल रही है।
जिले में नंदा-सुनंदा योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए गए हैं। इसके साथ ही गरीब, अनाथ और कूड़ा बीनने वाले बच्चों के जीवन स्तर में सुधार और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार पहल की जा रही है। राइफल फंड के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सहायता, प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त कार्रवाई और भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर रुख अपनाए जाने से प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिली है।
इसी क्रम में आगामी जनगणना को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल ने प्रशासनिक स्तर पर सख्ती भी दिखाई है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत 28 जनवरी 2026 को निदेशक जनगणना (गृह विभाग, भारत सरकार) और जिला प्रशासन देहरादून की संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में विधिवत आमंत्रण के बावजूद कैंट बोर्ड गढ़ी और छावनी परिषद क्लेमेंट टाउन के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण संबंधित क्षेत्रों का क्षेत्र निर्धारण कार्य पूर्ण नहीं हो सका।
इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए निदेशक जनगणना द्वारा सेंसस एक्ट 1948 के तहत संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी स्तर की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
डीएम सविन बंसल की कार्यशैली को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विभिन्न प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में सामने आ रहे हैं और जनहित कार्यों, प्रशासनिक सख्ती और संवेदनशील रवैये की सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के कारण ही जिलाधिकारी को आम जनता का व्यापक विश्वास और समर्थन मिल रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया पर उमड़ा यह जनसमर्थन प्रशासन और जनता के बीच मजबूत होते भरोसे को दर्शाता है। डीएम सविन बंसल की कार्यशैली यह संकेत देती है कि सख्ती और संवेदनशीलता का संतुलन ही प्रभावी और जनविश्वास आधारित प्रशासन की असली पहचान है।

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