ख़ुलासा:अब इन भर्तियां पर भी मंडराये संदेह के बादल, युवाओं की धडकने बढ़ी, जानिए किन पेपरों पर है संकट... - Pahadi Khabarnama पहाड़ी खबरनामा
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ख़ुलासा:अब इन भर्तियां पर भी मंडराये संदेह के बादल, युवाओं की धडकने बढ़ी, जानिए किन पेपरों पर है संकट…

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ख़ुलासा:अब इन भर्तियां पर भी मंडराये संदेह के बादल, युवाओं की धडकने बढ़ी, जानिए किन पेपरों पर है संकट…

देहरादून: यूकेएसएसएससी UKSSSC की पिछली 13 भर्ती परीक्षाएं संदेह के दायरे में हैं। एसटीएफ और विजिलेंस इनकी जांच कर रही हैं। दूसरी तरफ, भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली की गाज आयोग के अधिकारियों पर भी गिरने लगी है। पूर्व सचिव संतोष बडोनी को निलंबित किया जा चुका है तो पूर्व परीक्षा नियंत्रक नारायण सिंह डांगी की भूमिका संदेह के घेरे में है।

करीब छह लाख अभ्यर्थियों की बेचैनी बढ़ी

इस सबके बीच विभिन्न सरकारी विभागों में 4282 पदों को भरने के लिए आयोग की सात प्रस्तावित भर्ती परीक्षाओं पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

इससे इन भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले करीब छह लाख अभ्यर्थियों की बेचैनी भी बढ़ गई है।

आयोग की चौतरफा फजीहत के बाद ये अभ्यर्थी परीक्षा की सही ढंग से तैयारी भी नहीं कर पा रहे।

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साथ ही उनके मन में परीक्षाओं की शुचिता को लेकर भी तरह-तरह की आशंकाएं हैं। जिनका समाधान करने वाला कोई नजर नहीं आ रहा।

वजह यह कि वर्तमान में आयोग के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके माध्यम से वह परीक्षा का आयोजन कर सके।

अब तक भर्ती परीक्षाओं के प्रश्न पत्र छापने और परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी के मालिक व चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इसके बाद आयोग की तरफ से कंपनी से सभी कार्य छीने जा चुके हैं और कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी चल रही है।

दूसरी तरफ, हाल ही में जिम्मेदारी संभालने वाले आयोग के नए अधिकारी भी हालिया घटनाक्रम से पशोपेश में हैं।

युवाओं की दुविधा और अपनी छवि के प्रति उनकी आशंकाओं को समाप्त करने के लिए आयोग को चाहिए कि जल्द से जल्द परीक्षा के लिए नई कंपनी का चयन कर इस दिशा में कदम बढ़ाए जाएं।

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आयोग के गठन के बाद से ही विवाद में परीक्षाएं

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के गठन के बाद से ही प्रदेश में भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही हैं।

आयोग के गठन के बाद करीब आठ साल में नियुक्त दो अध्यक्षों ने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया।

वर्ष 2015-16 में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के 192 पदों के लिए हुई परीक्षा में कुछ ओएमआर शीट में गोले आयोग में भरने के आरोप लगे। इसको लेकर बेरोजगारों ने प्रदेशभर में हंगामा किया।

तत्कालीन अध्यक्ष आरबीएस रावत (सेनि.) ने इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था। यह परीक्षा आयोग ने बाद में आयोजित की।

इन भर्ती परीक्षाओं पर संकट

परीक्षा-रिक्तियां-आवेदन

पुस्तकालय सहायक-220-1,68,850

पटवारी-521-1,62,000

पुलिस आरक्षी-1521-1,03,030

वन आरक्षी-894-1,31,500

सहायक लेखाकार-662-26,840

वाहन चालक-192-11,390

पुलिस दूरसंचार हेड कांस्टेबल के 272 पदों को भरने के लिए लिखित परीक्षा हो चुकी हैं, शैक्षिक दस्तावेजों की जांच बाकी है।

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यूकेएसएसएससी का पेपर लीक करने और मोटी रकम लेकर नकल करवाने के मामले सामने आने से न केवल परीक्षा देने वाले लाखों युवाओं के भविष्य पर कुठाराघात हुआ है, बल्कि प्रस्तावित सात भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों की बेचैनी भी बढ़ गई है। उनमें आगामी परीक्षाओं के आयोजन को लेकर संशय है। यूकेएसएसएससी की ओर से अभी तक परीक्षाओं की कोई तिथि निर्धारित नहीं की गई है।

बाबी पंवारअध्यक्षउत्तराखंड बेरोजगार संघ

साढ़े तीन लाख अभ्यर्थियों को गहरे मानसिक तनाव के दौर से गुजरना पड़ रहा है। पहले ही भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करना वर्तमान में आसान नहीं है। ऊपर से पूर्व की परीक्षाओं में एक-एक धांधली के मामले उजागर होने से युवा वर्ग में मायूसी व बेचैनी है।

राम कंडवालअध्यक्षदेवभूमि बेरोजगार मंच

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